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शिक्षकों की कमी से पीड़ित सरकारी स्कूलों में कर रहे तालाबंदी, तो कहीं बिना पढ़ाये ही ले रहे है वेतन

शिक्षकों की कमी से पीड़ित सरकारी स्कूलों में कर रहे तालाबंदी, तो कहीं बिना पढ़ाये ही ले रहे है वेतन

राजनांदगांव। शिक्षा सत्र समाप्त हो रहा है और सरकारी स्कूलों में जिला शिक्षा अधिकारी हेतराम सोम के द्वारा शिक्षकों की कमी को दूर नहीं किया जा सका है, जगह-जगह ग्रामीण शिक्षकों की कमी को लेकर सरकारी स्कूलों में तालाबंदी कर रहे है।

छत्तीसगढ़ पैरेंट्स एसोसियेशन के प्रदेश अध्यक्ष क्रिष्टोफर पॉल का कहना है कि सत्र के आरंभ से ही हम एकल शिक्षकीय शालाओं और शिक्षकविहीन शालाओं में शिक्षकों की व्यवस्था की मांग कर रहे है, लेकिन आज तक शिक्षकों की कमी दूर नहीं किया गया जो चिंता है विषय है। श्री पॉल ने बताया कि कलेक्टर को पुनः पत्र लिखकर सरकारी स्कूलों में दर्ज संख्या के अनुसार शिक्षकों की व्यवस्था करने की मांग किया गया है।

1. स्टेट स्कूल (पूर्व माध्यमिक अंग्रेजी माध्यम स्कूल) राजनांदगांव जो विगत तीन वर्षो से इंग्लिश मिडियम स्कूल हो चुका है, लेकिन इस अंग्रेजी माध्यम स्कूल में चार हिन्दी मिडियम शिक्षकों की पोस्टिंग कर दिया गया जो विगत एक वर्ष से बिना अध्यापन कार्य कराए ही वेतन अहरण कर रहे है। प्राचार्य ने दो बार डीईओ को लिखित जानकारी दिया जा चुका है कि इन अतिशेष शिक्षकों की उनके स्कूल में कोई आवश्यकता नहीं है।

2. स्वामी आत्मानंद अंग्रेजी माध्यम स्कूल (म्युनिस्पल स्कूल) राजनांदगांव में 9 शिक्षकों की आवश्यकता थी, पूरा साल समाप्त हो चुका सिर्फ 3 शिक्षकों की पोस्टिंग किया गया, अभी भी इस स्कूल में 6 और शिक्षकों की आवश्यकता है। प्राचार्य ने इस बात जानकारी डीईओ को कई बार दे दिया है।

3. विद्या मंदिर प्राथमिक शाला मुल्हेटीटोला, अं. चौकी, जिला राजनांदगांव में दर्ज संख्या सिर्फ 47 है और दो शिक्षक पदस्थ है, लेकिन इस स्कूल में तीन और शिक्षकों की पोस्टिंग कर दिया और यह तीन शिक्षक अतिशेष शिक्षक है।

4. पूर्व माध्यमिक शाला, आयबांधा, छुरिया जिला राजनांदगांव में दर्ज संख्या 125 है और सिर्फ दो शिक्षक पदस्थ है। इस स्कूल में दो और शिक्षकों की आवश्यकता है और ग्रामीण विगत तीन महीनों से डीईओ के चक्कर काट रहे है।