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तीसरी लहर का प्रभाव मकर संक्राति मेला स्थगित , फिर भी भक्ति में डुबा रहा सुकमा

तीसरी लहर का प्रभाव मकर संक्राति मेला स्थगित , फिर भी भक्ति में डुबा रहा सुकमा


सुजीत वैदिक

सुकमा :-कोरोना के लगातार बढ़ने मामलो की वजह से एक बार फिर मकर संक्रांति पर सुकमा मे मिला जुला असर रहा श्रद्धालू  शबरी घाट पहुंचकर सामूहिक स्नान  के साथ मंदिरो मे दर्शन  लाभ लेकर पूजा अर्चना कर पारंपरिक कर्मकाण्ड से निर्विक्त होते दिखे । कोरोना की तीसरी लहर का प्रभाव  धार्मिक आयोजनों पर भी दिखा । जिला प्रशासन ने विगत दिवस नई गाइडलाइन जारी की थी, जिसमें मेले व किसी भी बड़े  आयोजन  पर  रोक लगा दी थी.जिसका पालन लोगो के द्वारा किया गया 

महामारी को ध्यान मे रखकर मेला स्थगित

.वही कोविड गाइडलाइन को ध्यान मे रखकर जिले का संक्रांति मेला जो  कयी वर्षो से होता रहा था  न करने का निर्णय  लिया गया ।  संक्रांति मेला आयोजन समिति  के अध्यक्ष संजय सोढ़ी ने मकर संक्रांति के अवसर पर लगने वाले तीन दिवसीय मेला को स्थगित करने का निर्णय लिया जो समिति ने सर्वसहमति से स्वीकार कर लिया। तथा विधि विधान से मेला स्थली की पुजा अर्चना कर कोविड को ध्यान मे रखते हुए मेला स्थगित कर दिया  गया। तथा जिलावासियों को कोविड से  अपना ध्यान रखने  व कोविड गाईड लाईन का पालन करने  की अपील कर मकर संक्रांति की  शुभकामनाएं दिऐ।

भक्त मंदिरो मे पूजा-अर्चना कर दान आदि किए 

मकर संक्रांति पर शहर में हर तरफ दानियों का सैलाब दिखाई दिया। मकर संक्रांति पर्व को लेकर महिलाओं में विशेष उत्साह था। इस पर्व के लिए महिलाओं ने बड़े पैमाने पर तैयारियां की। सुबह घर में विराजमान मंदिर पर पूजन के साथ महिलाओं ने अपने मान्यों को खिचड़ी, पापड़, शृंगार का सामान, मिष्ठान, कपड़े, मेवा आदि चीजों का दान किया। 

मकर संक्रांति मे दान का बडा महत्व है ऐसे कठिन समय मे पर्व की उत्साह व त्योहार मे कमी नही देखी गयी पर शबरी नदी में स्नान के लिए सख्या पिछले वर्षो की तुलना मे कम  देखी गयी   वही श्रद्धालु अपने घर पर ही रह कर पूजा अर्चना करें.धारा 144 लागू है. ऐसी स्थिति में भक्तो ने कोरोना गाइडलाईन का ध्यान रखते हुए मंदिरो मे दान आदि कर पुजन सम्पन्न किया।