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छत्तीसगढ़ में लॉकडाउन का डर दिखाकर मंहगाई को चरम पर पहुंचा रहे मुनाफाखोर

छत्तीसगढ़ में लॉकडाउन का डर दिखाकर मंहगाई को चरम पर पहुंचा रहे मुनाफाखोर

रायपुर । भाजपा विधायक एवं पूर्व मंत्री बृजमोहन अग्रवाल ने महंगाई के मुद्दे पर आरोप लगाया है कि छत्तीसगढ़ में कोरोनाकाल में संक्रमण तेजी से बढ़ रहा है। पूरे छत्तीसगढ़ में भय का वातावरण है ऐसे में राज्य सरकार निष्क्रिय है और सो रही है। उसे जनता की कोई चिंता नहीं है। इसका फायदा मुनाफाखोर उठा रहे हैं जो लॉकडाउन का डर दिखाकर मंहगाई को चरम पर पहुंचा रहे है। 

श्री अग्रवाल आज अपने निवास पर पत्रकारों से चर्चा कर रहे थे। उन्होंने कहा कि जनता मंहगाई से कराह रही है। कालाबाजारी के चलते आज बाजार में तेल, दाल और अन्य खाद्य पदार्थों के दाम आसमान छू रहे हैं। सभी वस्तुओ में मंहगाई दस से पन्द्रह प्रतिशत तक बढ़ गई हैं। मंहगाई केवल खाद्य पदार्थों में ही नहीं बल्कि कोरोना की दवाइयों मे भी काला बाजारी हो रही है। इन दवाइयों में सेनेटाइनजर, मास्क और पीपीई किट सहित सभी दवाइयों के भी दाम बढ़ गए है। 

बृजमोहन अग्रवाल ने आगे कहा इस महामारी काल में भय का वातावरण बनाना आम बात है। वहीं माँग और पूर्ति में अंतर आने से वस्तुओं की काला बाजारी होना भी स्वभाविक है लेकिन सरकार को पर्याप्त मात्रा में वस्तुओं की उपलब्धता करा कर महंगाई पर लगाम लगाना चाहिए। उन्होंने कहा कि यह सरकार हवा हवाई बात करने में माहिर है, लेकिन इससे काम नहीं चलेगा उसे मंहगाई पर लगाम लगाना ही होगा। 

श्री अग्रवाल ने कहा कि कोरोना के लिए शराब से टैक्स वसूला गया है। सरकार का भंडार भरा हुआ है, उसी पैसे से जनता के लिए राज्य सरकार को दवाइयाँ और खाद्य सामग्री की व्यवस्था करनी चाहिए। बेरोजगारी के मुद्दे पर उन्होंने कहा कि यहाँ बात छत्तीसगढ़ की बेरोजगारी की हो रही है। यहाँ मुख्यमंत्री घोषणा करते हैं कि उन्होंने पाँच लाख लोगों को नौकरी दी है तो उन्हें बताना चाहिए कि रोजगार कार्यालय में जो इक्कीस लाख बेरोजगारों का रजिस्ट्रेशन है क्या उसमें कोई कमी हुई है? कितने लोगों को नौकरी मिली है? उसका खुलासा होना चाहिए।