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अनिश्चितकालीन हड़ताल पर बैठे कर्मी, जाने क्या है इनकी मांगे

अनिश्चितकालीन हड़ताल पर बैठे कर्मी, जाने क्या है इनकी मांगे

रमेश गुप्ता


भिलाई। छत्तीसगढ़ वन लिपिक वर्गीय कर्मचारी संघ द्वारा अपनी विभिन्न मांगों को लेकर अनिश्चितकालीन हड़ताल की जा रही है। वह बीते 17 दिनों से हड़ताल पर हैं संघ का कहना है कि जब तक उनकी मांगे पूरी नहीं हो जाती तब तक वह हड़ताल समाप्त नहीं करेंगे।

छत्तीसगढ़ वन लिपिक वर्गीय कर्मचारी संघ द्वारा हड़ताल के संदर्भ में शुक्रवार को बैठक आयोजित की गई। जिसमें प्रदेश के सभी जिला अध्यक्ष और सदस्य उपस्थित रहे। बैठक के दौरान संघ ने 10 सूत्री मांगों पर तत्काल निर्णय नहीं लिए जाने की स्थिति में उग्र आंदोलन की चेतावनी दी गई है। वहीं बैठक में हड़ताल को लेकर आगे की रणनीति भी बनाई गई।

 आज के बैठक में प्रदेश अध्यक्ष विरेंद्र कुमार नाथ, प्रांतीय महामंत्री निखिल मासी, प्रांतीय कोषाध्यक्ष दिनेश कुमार साहू, संभाग अध्यक्ष बीएस सुधाकर, संभागीय संयोजक विजय राठौर, संभाग अध्यक्ष महिला प्रकोष्ठ शारदा राव, जिला अध्यक्ष महेंद्र यादव, तरुण मेश्राम, पुनीत कुमार, गोपी सोनी, सुरेंद्र देवांगन, अशोक वाघमारे, घनश्याम, तारा मधुकर, माया द्विवेदी, गायत्री वर्मा, पूनम लिल्हारे, मधु शर्मा आदि उपस्थित रहे।

यह है इनकी प्रमुख मांगे



लेखापाल के 317 पदों को सहायक ग्रेड वन एवं सहायक ग्रेड 1 के 78 पदों को अधीक्षक के पद पर समाहित किया जाए। वन विभाग में भी लिपिक कर्मचारियों की विभागीय परीक्षाओं का आयोजन हो। राजस्व विभाग की भांति अधीक्षक पद को राजपत्रित अधिकारी का दर्जा दिया जाए। कंप्यूटर ऑपरेटरों का पदोन्नति चैनल लागू करें। वायरलेस ऑपरेटरों का पदोन्नति चैनल लागू करें। लेखा अधिकारी प्रशासकीय अधिकारी को संलग्न अधिकारी के पद पर पदस्थापना की जाए। कार्यालय में महिला कर्मचारियों के लिए फिडिंग व रेस्ट रूम का निर्माण किया जाए। सभी कर्मचारियों को प्रतिमाह ₹1000 मोबाइल बता दिया जाए।