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भारत की हार गांगुली फेल , गहरी मायूसी के बाद वेंकटेश आया बुखार

भारत की हार गांगुली फेल , गहरी मायूसी के बाद वेंकटेश आया बुखार

नईदिल्ली। ऑस्ट्रेलिया के खिलाफ एक मैच में गांगुली के ज्यादा रन नहीं बना पाने से भारत को हार का मुंह देखना पड़ा था, तो गहरी मायूसी के बाद नन्हे वेंकटेश को बुखार आ गया था. 

हरफनमौला खिलाड़ी वेंकटेश अय्यर बचपन से पूर्व क्रिकेटर सौरव गांगुली की बल्लेबाजी के मुरीद रहे हैं और जब भारतीय क्रिकेट के प्रति अपने बेटे के जुनून को याद करते हुए उनके पिता राजशेखरन अय्यर ने बुधवार को पीटीआई से यह वाकया साझा किया.26 साल के वेंकटेश को न्यूजीलैंड के खिलाफ होने वाली तीन मैचों की सीरीज के लिए भारतीय टी20 टीम में शामिल किया गया है. 

राजशेखरन ने बताया, ‘मेरे बेटे को छह-सात साल की उम्र से ही क्रिकेट से गहरा लगाव हो गया था. वह बचपन से गांगुली का बड़ा प्रशंसक रहा है. गांगुली से प्रेरित होकर उसने उन्हीं की तरह बाएं हाथ से बल्लेबाजी शुरू की.’

 ‘वेंकटेश बचपन में भारत और ऑस्ट्रेलिया के बीच मैच देख रहा था, जिसमें भारत की हार हुई थी और उसके पसंदीदा बल्लेबाज गांगुली भी ज्यादा रन नहीं बना सके थे. 

 बीसीसीआई के पूर्व सचिव संजय जगदाले ने अय्यर और खान को भारतीय टीम में चुने जाने पर बधाई देते हुए कहा कि दोनों उभरते सितारों को क्रिकेट के आकाश में चमकने का सुनहरा मौका मिला है.

  ‘सौभाग्य से वेंकटेश को अच्छे प्रशिक्षक मिले. पहले इंदौर के महाराजा यशवंतराव क्रिकेट क्लब (एमवायसीसी) के कोच दिनेश शर्मा और बाद में मध्यप्रदेश क्रिकेट संघ के मुख्य कोच चंद्रकांत पंडित ने मेरे बेटे के कौशल को उभारा.

इससे वेंकटेश बहुत दुखी हुआ था और उसे बुखार भी आ गया था. तब मुझे महसूस हुआ कि मेरा बेटा भारतीय क्रिकेट को लेकर बहुत गंभीर है.’

राजशेखरन ने बताया कि क्रिकेट के प्रति इस दीवानगी को देखने के बाद उन्होंने अपने बेटे को प्रशिक्षण के लिए अच्छे क्लबों में भेजा और बेहतर प्रदर्शन के लिए प्रोत्साहित किया.

वेंकटेश के पिता बताते हैं कि क्रिकेट के जुनून के बावजूद उनके बेटे ने अपनी पढ़ाई से कभी समझौता नहीं किया. उन्होंने बताया, ‘मेरे बेटे ने वाणिज्य विषय से स्नातक की उपाधि हासिल की है. 

गौरतलब है कि वेंकटेश अय्यर के साथ ही इंदौर के तेज गेंदबाज आवेश खान (24) ने भी न्यूजीलैंड के खिलाफ होने वाली तीन मैचों की सीरीज के लिए भारतीय टी20 टीम में जगह बनाई है. दोनों युवा खिलाड़ियों के इस चयन से स्थानीय क्रिकेट जगत में जश्न का माहौल है.

उन्होंने कहा, ‘‘टी20 विश्व कप में भारत का सफर समाप्त होने के बाद देश की टीम में स्वाभाविक प्रक्रिया के तहत नए चेहरों को मौका दिया गया है. ऐसे में अय्यर और खान को इस मौके को अच्छी तरह भुनाने की कोशिश करनी चाहिए !

वह आगे चार्टर्ड अकाउंटेंट की पढ़ाई करना चाहता था. लेकिन क्रिकेट की व्यस्तताओं के चलते ऐसा नहीं कर सका. हालांकि अपनी मां के मार्गदर्शन के मुताबिक उसने वित्त विषय में एमबीए की उपाधि हासिल की,’