(Korea Latest News) घोटाले से जुड़ी कोरिया जिले से आ रही एक बड़ी खबर ….

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(Korea Latest News) उद्यान विभाग में तालाब राशि घोटाले मामले में जाच के पश्चात प्राथमिकी दर्ज होने की संभावना !

 

घोटाला करने में उद्यान विभाग के अधिकारी व बाबू की भूमिका थी संदिग्ध ।

कलेक्टर विनय कुमार लंगेह ने मामले में दिया था जांच का आदेश ।

(Korea Latest News) बैकुण्ठपुर – कोरिया जिले से एक बड़ी खबर सामने आ रही है और खबर घोटाले से जुड़ी हुई है जिसमे जांच उपरांत अपराध दर्ज करने का निर्देश दिया गया है । जहा अब पुलिस के जाच के पश्चात कड़ी कार्यवाही की संभावना हैं !

क्योंकि जांच भी जिला पंचायत कोरिया की मुख्य कार्यपालन अधिकारी ने कलेक्टर कोरिया के निर्देश पर किया है जैसा कि बताया जा रहा है। मामला कोरिया जिले के उद्यानिकी विभाग के तालाब निर्माण से जुड़ा हुआ है जैसा कि बताया जा रहा है और हितग्राही को मिलने वाली शासकीय सब्सिडी सहायता राशि जो उद्यानिकी विभाग से उसे स्वयं के तालाब निर्माण के लिए मिलने वाली थी ।

उसे उद्यान विभाग के अधिकारी व बाबू के प्रयास से मध्यस्था करने वाले व्यक्ति ने किसान के खाते की राशि दूसरे के खाते में आहरण करने का प्रयास किया था और जिसकी भनक जब हितग्राही को हुई थी तब उसने मामले की शिकायत की थी जिसमे जांच जारी थी।

(Korea Latest News) अब जाच के बाद कार्यवाही की उम्मीद जगी हैं जहा इस पूरे मामले में उद्यान विभाग व बैंक की भूमिका संदिग्ध हैं ।क्योंकि मामले में हितग्राही के नाम से अन्य जिले के दूसरे शहर में बैंक खाता खोला गया था और वहीं से राशि का गबन करने का इरादा था ऐसा पूरे मामले में सच सामने आया है।

हितग्राही को जब मोबाइल पर मैसेज प्राप्त हुआ तब हितग्राही को खुद के ठगे जाने का आभास हुआ और उसने शिकायत दर्ज कराई। पूरे मामले में विभाग के अधिकारी ,बाबू व एक मध्यस्था करने वाले का नाम सामने आया है और जिनके ऊपर अब जाच के बाद अपराध दर्ज होने की संभावना है ।

मिली जानकारी अनुसार इस मामले में अनुसूचित जाति जनजाति अत्याचार निवारण अधिनियम सहित अन्य दर्जन भर धाराओं के तहत अपराध दर्ज किया जाना है जिसकी सुगबुगाहट हैं और मामले में अगली कार्यवाही करने के इंतजार में है।

मामला धोखेबाजी से जुड़ा पर पुलिस कई धारा के तहत कर रही जाँच –

(Korea Latest News) वैसे मामला धोखेबाजी से जुड़ा हुआ है और पुलिस ने इसके तहत ही शिकायत मिलने पर जाच सुरु की है। बताया यह भी बताया जा रहा है की यदि हितग्राही को मामले का आभास नहीं होता तो हितग्राही जिसे उद्यानिकी विभाग से तालाब निर्माण हेतु राशि मिलने वाली थी उसे उस राशि से हांथ धोना पड़ जाता और राशि विभाग के अधिकारी व मध्यस्ता करने वाले हड़प कर ले जाते ।

मामले में सहित अन्य कौन कौन लोग शामिल हैं इसका खुलासा अभी नहीं हो सका है वहीं पूरे मामले में उद्यानिकी विभाग एवम बैंक जिसमे राशि भेजी जाने वाली थी के कर्मचारियों की भी मिलीभगत थी या नहीं यह भी सच सामने आना बाकी है।

क्या पहले भी किसी हितग्राही के साथ ऐसा फर्जीवाड़ा किया गया है?

पूरे मामले में यदि देखा जाए तो यह बहोत बड़े फर्जीवाड़े की ओर इशारा करता मामला है और इसमें इस बात की भी जांच होनी आवश्यक है की क्या पहले भी किसी हितग्राही के साथ ऐसा फर्जीवाड़ा किया गया है या यह फर्जीवाड़ा करने वालों का पहला ही प्रयास था। अब जाच सामने आने के बाद मामले में और भी खुलासा होगा ऐसी उम्मीद जताई जा रही है।

क्यो की हर वर्ष दर्जनों तालाब की स्वीकृति हितग्राहियों के नाम से होती हैं जबकि यह पूरा मामला कुछ दिनों पहले ही सामने आया था और तभी से जांच जारी थी वहीं लग रहा था की मामले में अधिकारी बच निकलेंगे लेकिन अब जब जाच सुरु हुई है तो इस बात की भी उम्मीद जगी है की कार्यवाही आगे इसी तरह गलत करने वालों के साथ होता रहेगा।

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