Immersive competition : पुरस्कार की दौड़ में ‘माया: द बर्थ ऑफ ए सुपरहीरो’

Immersive competition :

Immersive competition : पुरस्कार की दौड़ में ‘माया: द बर्थ ऑफ ए सुपरहीरो’

 

Immersive competition :  कान  !  भारत में कोलकाता की कलाकार पॉलोमी बसु निर्मित कलात्मक कृति ‘माया: द बर्थ ऑफ ए सुपरहीरो’ 77वें कान फिल्म फेस्टिवल में उद्घाटन इमर्सिव प्रतियोगिता के शीर्ष पुरस्कार की दौड़ में है।


‘माया: द बर्थ ऑफ ए सुपरहीरो’ 14 मई को शुरू हुए प्रभावशाली फिल्म महोत्सव के आधिकारिक चयन में कई भारतीय प्रविष्टियों में से एक है। यह फिल्म ग्रामीण भारत में मासिक धर्म के दौरान महिलाओं से जुड़ी वर्जनाओं को चित्रित करने के लिए मिश्रित वास्तविकता और आभासी वास्तविकता को परिलक्षित करती है।


Immersive competition :  यह फिल्म लंदन के एक टावर गांव में रहने वाली युवा आप्रवासी भारतीय लड़की माया की कहानी है, जिसे स्कूल में अपने साथियों के सामने पहली बार मासिक धर्म आने के बाद छींटाकशी की बदमाशी का सामना करना पड़ता है। माया के जीवन में एस समय बदलाव आता है , जब वह सपने में एक रहस्यमय सुपरहीरो से मिलती है, जिसे माया भी कहा जाता है जो भारतीय पौराणिक कथाओं में जादू की शक्ति को दर्शाता है। मासिक धर्म को लेकर कलंक और शर्म जल्द ही युवा लड़की के लिए शक्ति और आत्मविश्वास में बदल जाती है।


छह साल पहले ब्रिटेन जाने से पहले कोलकाता के ला मार्टिनियर और सेंट जेवियर्स कॉलेज में पढ़ाई करने तथा ब्रिटिश कलाकार सीजे क्लार्क के साथ सह-लेखन और सह-निर्देशन करने वाली बसु कहती हैं, “माहवारी के दौरान महिलाओं के साथ अछूतों की तरह व्यवहार किया जाता है। यह कहानी दर्शकों को शर्म से सशक्तिकरण की यात्रा पर ले जाती है। यह पश्चिमी समाज के भीतर स्त्री-द्वेष और पितृसत्ता की भी पड़ताल करता है, वर्जित विषय के बारे में एक इंटरैक्टिव अनुभव प्रदान करने के लिए आभासी वास्तविकता के माध्यम का उपयोग करता है।”


कहानी में ‘गेम ऑफ थ्रोन्स’ की अभिनेत्री इंदिरा वर्मा सुपरहीरो की भूमिका निभा रही हैं, जबकि लंदन की अभिनेत्री चरित्र चंद्रन युवा माया की भूमिका निभा रही हैं।


तैंतीस मिनट की फिल्म ग्रामीण भारत और नेपाल के कुछ हिस्सों में मासिक धर्म के दौरान महिलाओं से जुड़ी वर्जनाओं पर बसु के एक दशक के शोध का परिणाम है, जहां उन्हें मासिक धर्म के दौरान अपने घरों से निकाल दिया जाता है और अलग-थलग रखा जाता है।
‘माया: द बर्थ ऑफ ए सुपरहीरो’ का वर्ल्ड प्रीमियर गत मार्च में अमेरिका में फिल्म फेस्टिवल में हुआ था। पिछले साल, न्यूयॉर्क में ट्रिबेका फिल्म फेस्टिवल में प्रदर्शित किए गए काम के 15 मिनट के संस्करण ने अपना विशेष जूरी पुरस्कार जीता था।

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Immersive competition :  ‘माया: द बर्थ ऑफ ए सुपरहीरो’ दुनिया भर में 30 मई को मेटा क्वेस्ट पर मुफ्त डाउनलोड के लिए जारी किया जाएगा।

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