aajkijandhara

Transfer ट्रांसफर के नाम पर महिला कर्मचारी को अपने पास बुलाने का ऑडियो सोशल मिडिया पर वायरल

(Dhamtari News Today) धान खरीदी पर खुद अपनी पीठ थपथपा रहे कांग्रेस के नेता

(Dhamtari News Today)

(Dhamtari News Today) मंत्री अमरजीत भगत ने विधानसभा मे कहा था 51563.47 करोड़ समर्थन मूल्य का केंद्र से मिला – कविन्द्र जैन

 

(Dhamtari News Today) धमतरी।  पिछले कुछ दिनों से छ्ग सरकार के मंत्री एवं कांग्रेस के नेता धान खरीदी पर खुद अपनी पीठ थपथपा रहे हैं तथा सुनियोजित ढंग से जनता के बीच भ्रम फैलाने का कार्य कर रहे हैं। नेताओं के द्वारा ये सफेद झूठ बोला जा रहा है कि धान खरीदी का सारा पैसा राज्य सरकार वहन कर रही है केंद्र का इसमें कोई योगदान नही है जबकि हकीकत इसके बिल्कुल उलट है।

(Dhamtari News Today) भाजपा जिलाध्यक्ष ठाकुर शशि पवार एवं जिला महामंत्री कविन्द्र जैन ने आज जारी विज्ञप्ति के माध्यम से बताया कि नवंबर 2022 को विधानसभा सत्र मे तत्कालीन नेता प्रतिपक्ष धरमलाल कौशिक के सवाल के जवाब मे सरकार के मंत्री अमरजीत भगत ने जो ब्यौरा दिया उसके अनुसार वर्ष 2018-19 मे 80.38 लाख टन धान की खरीदी हुई जिसमे से 79.73 लाख टन कस्टम मिलिंग हुई।

2019-20 में 83.94 लाख टन खरीद मे से 81.49 लाख टन की कस्टम मिलिंग हुई। उसी प्रकार 2020-21 में 92.03 लाख टन की खरीद हुई जिसमे 80.35 लाख टन कस्टम मिलिंग हुई।

(Dhamtari News Today) कौशिक द्वारा सवाल पूछा गया कि धान खरीदी हेतु समर्थन मूल्य पर केंद्र सरकार ने कितनी राशि दी और राज्य सरकार ने कितनी राशि दी। इसके जवाब मे मंत्री अमरजीत भगत ने विधानसभा के पटल पर जो आंकड़ा प्रस्तुत किया उसके अनुसार केंद्र सरकार द्वारा 51563.47 करोड़ रुपये खर्च किये गये जबकि राज्य सरकार ने महज 11148.45 करोड़ रुपये ही दिये गये।

कांग्रेस की सरकार और उसके नेताओं को जनता से झूठ बोलने से बचना चाहिये और केंद्र सरकार का धन्यवाद भी करना चाहिये जो किसानों की चिंता करते हुए न सिर्फ धान के समर्थन मूल्य मे प्रतिवर्ष वृद्धि कर रही है बल्कि सम्मान निधि के रूप मे भी प्रतिवर्ष हजारों करोड़ रु छ्ग के किसानों के खाते मे डाल रही है।

(Dhamtari News Today) इतना ही नही खाद सब्सिडी के रूप मे केंद्र सरकार लगभग 24000 रू प्रति एकड़ किसानों के लिये दे रही है। राज्य सरकार को केवल विज्ञापनों मे खुद को किसान हितैषी बताने के बदले धरातल पर किसानों के लिये कुछ करने की सोचना चाहिए।

Leave a Comment

Your email address will not be published. Required fields are marked *