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Bhilai Township : भिलाई टाउनशिप की जनता को कांग्रेस सरकार द्वारा बिजली बिल में छूट के लाभ से वंचित रखे जाने का मामला एवं मुख्यमंत्री का ततसंबंध में विधानसभा में दिया गया गोलमोल जवाब : प्रेमप्रकाश

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Bhilai Township : भिलाई टाउनशिप की जनता को कांग्रेस सरकार द्वारा बिजली बिल में छूट के लाभ से वंचित रखे जाने का मामला एवं मुख्यमंत्री का ततसंबंध में विधानसभा में दिया गया गोलमोल जवाब : प्रेमप्रकाश

Ramesh Gupta

Bhilai Township : बीएसपी टाउनशिप में उपभोक्ताओं को बिजली बिल में छूट के लाभ से वंचित

Bhilai Township : भिलाई..छत्तीसगढ़ विधानसभा के पूर्व अध्यक्ष प्रेमप्रकाश पाण्डेय ने आज अपने फेसबुक लाइव “बात भिलाई की” के माध्यम से बीएसपी टाउनशिप में उपभोक्ताओं को बिजली बिल में छूट के लाभ से वंचित रखे जाने और इस पर विधानसभा में मुख्यमंत्री भूपेश बघेल द्वारा गोलमोल जवाब देने पर अपनी बात रखी।

उन्होंने कहा कि जैसा कि सर्वविदित है कि राज्य शासन द्वारा भिलाई टाउनशिप के घरेलू विद्युत उपभोक्ताओं को बिजली बिल में छूट के लाभ से वंचित रखा गया है जबकि छूट दिये जाने हेतु जारी आदेश में इस बात का स्पष्ट प्रावधान है कि बिजली बिल में छूट का लाभ राज्य के सभी घरेलू उपभोक्ताओं को दिया जाएगा।

इस संबंध में मेरे द्वारा संविधान, कानून एवं छुट हेतु जारी आदेश के प्रावधानों का विस्तृत उल्लेख करते हुये मुख्यमंत्री, मुख्य सचिव, सचिव- ऊर्जा विभाग एवं बीएसपी के मुख्य कार्यकारी अधिकारी को ज्ञापन सौंपा गया। उनसे यह निवेदन किया गया कि भिलाई टाउनशिप में निवास करने वाले विद्युत उपभोक्ताओं को भी बिजली बिल में छूट लागू होने कि दिनांक से छूट का लाभ दिया जाये।

उक्त ज्ञापन पर कार्यवाही होता न देख यही मामला विधानसभा में ध्यानकर्षण के रूप में ऊठाया गया। इस मामले पर मुख्यमंत्री द्वारा विधानसभा में दिया गया जवाब आश्चर्यचकित करने वाला है।

पाण्डेय ने कहा कि मुख्यमंत्री भूपेश बघेल द्वारा दिये गए जवाब में इस बात को स्वीकारा गया है कि भिलाई टाउनशिप के घरेलू विद्युत उपभोक्ताओं का 400 यूनिट तक का बिजली बिल लगभग 1360 रुपए आता है जबकि सीएसपीडीसीएल के घरेलू उपभोक्ताओं का इतने ही यूनिट का बिल 1920 रुपए आता है।

अतः भिलाई टाउनशिप के घरेलू उपभोक्ताओं को विद्युत लगभग 30 प्रतिशत कम दर पर मिल रही है। इसी बात को पूर्व में मेरे द्वारा ही प्रेस कॉन्फ्रेंस के माध्यम से उठाया जा चुका है कि भिलाई टाउनशिप में भिलाई टाउनशिप के घरेलू उपभोक्ताओं ही नहीं बल्कि भिलाई टाउनशिप के सभी वर्ग के विद्युत उपभोक्ताओं को विद्युत आपूर्ति सीएसपीडीसीएल के विद्युत उपभोक्ताओं से काफी कम दरो पर की जा रही है। इसी बात को मुख्यमंत्री द्वारा विधानसभा में स्वीकार कर लिया गया है।

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उन्होंने कहा कि अब यदि भिलाई टाउनशिप में विद्युत दर सीएसपीडीसीएल से कम है तो यही बात मुख्यमंत्री एवं काँग्रेस के जनप्रतिनिधि द्वारा भिलाई टाउनशिप की जनता को क्यों नहीं बताया जा रहा है कि भिलाई टाउनशिप कि विद्युत आपूर्ति सीएसपीडीसीएल को दे दिये जाने से लगभग सभी वर्ग के विद्युत उपभोक्ताओं का विद्युत दर लगभग 30 प्रतिशत बढ़ जाएगा।

इसका अर्थ यह हुआ कि पहले भिलाई टाउनशिप के डिस्ट्रिब्यूशन सिस्टम को सीएसपीडीसीएल को हैंडओवर करके बिजली बिल को बढ़ाया जाएगा फिर बिजली बिल में छूट दी जाएगी। मुख्यमंत्री के जवाब अनुसार सीएसपीडीसीएल को सिस्टम हैंडओवर किए जाने पर बिजली बिल तो सबका बढ़ेगा पर छूट केवल 400 यूनिट तक के घरेलू उपभोक्ताओं को मिलेगा।

स्पष्ट है कि सीएसपीडीसीएल को यदि सिस्टम हैंडओवर कर दिया गया तो लगभग सभी वर्ग के विद्युत उपभोक्ताओ के बिजली बिल सीधा लगभग 30 प्रतिशत बढ़ जाएगा।

पाण्डेय ने कहा कि मुख्यमंत्री भूपेश बघेल द्वारा विधानसभा में दिये गए जवाब में यह भी कहा गया है कि राज्यशासन द्वारा बिजली बिल में छूट का लाभ देने में किसी प्रकार का विभेद नहीं किया जा रहा है।

उनका यह कथन हास्यास्पद है क्योंकि यह तो जगजाहिर है कि भिलाई टाउनशिप के घरेलू उपभोक्ताओं को 400 यूनिट तक की बिजली में छूट का लाभ राज्य के अन्य घरेलू विद्युत उपभोक्ताओं के समान प्राप्त नहीं हो रहा है। अब मुख्यमंत्री यह बताने का कष्ट करेंगे कि यह भेदभाव नहीं तो और क्या है ?

पाण्डेय ने कहा कि मुख्यमंत्री भूपेश बघेल द्वारा विधान सभा में यह भी बताया गया कि छूट लागू होने के समय से अबतक सीएसपीडीसीएल के घरेलू उपभोक्ताओं लगभग 2500 करोड़ रुपए की छूट दी जा चुकी है।

यह आंकडा भिलाई टाउनशिप की जनता को और ठेस पंहुचने वाला है कि राज्य शासन द्वारा छूट के नाम पर 2500 करोड़ रुपए बाँट दिये गए किन्तु भिलाई टाउनशिप के घरेलू उपभोक्ताओं को इस 2500 करोड़ रुपए में से फूटी कौड़ी भी नसीब नहीं हुई।

जबकि भिलाई टाउनशिप के घरेलू उपभोक्ता को छूट देने से प्रतिवर्ष लगभग मात्र 23 करोड़ रुपयों का ही भार आएगा। राज्यशासन के पास सीएसपीडीसीएल के प्रति घरेलू उपभोक्ता को प्रतिमाह छूट देने हेतु 960 रुपए तो है किन्तु भिलाई टाउनशिप के घरेलू उपभोक्ता के छूट हेतु 680 रुपए नहीं है।

पाण्डेय ने कहा कि यदि काँग्रेस पार्टी को भिलाई टाउनशिप के विद्युत उपभोक्ताओं को छूट का लाभ नहीं देना था तो चुनावी घोषणापत्र में यह स्पष्ट लिख देना चाहिए था कि बिजली बिल हाफ योजना भिलाई टाउनशिप में लागू नहीं कि जाएगी।

अब तो मुख्यमंत्री द्वारा भी मेरी बात कि पुष्टि कर दी गई है कि सीएसपीडीसीएल को सिस्टम हैंडओवर किए जाने से विद्युत दर सीधा.सीधा 30 प्रतिशत बढ़ जाएगा जिसमे कमर्शियल कनेक्शन भी शामिल है।

पाण्डेय ने कहा कि मुख्यमंत्री भूपेश बघेल द्वारा विधानसभा में यह भी कहा गया है कि बिजली बिल में छूट का लाभ प्राप्त होने हेतु भिलाई टाउनशिप के डिस्ट्रिब्यूशन सिस्टम को सीएसपीडीसीएल को हैंडओवर किया जाना आवशयक है।

तत्पश्चात ही भिलाई टाउनशिप के उपभोक्ताओं को छूट का लाभ मिल पाएगा। अब यहा प्रश्न यह उठता है कि छूट की शर्तें कौन तय करता है उत्तर है स्वयं मुख्यमंत्री। अतः यह कहा जा सकता है कि काँग्रेस पार्टी द्वारा जानबूझकर छूट की ऐसी शर्त रखी गई कि भिलाई टाउनशिप के उपभोक्ताओं को छूट का लाभ न मिले और छूट का लालच देकर भिलाई का डिस्ट्रिब्यूशन सिस्टम सीएसपीडीसीएल को हैंडओवर करके बिजली बिल 30 प्रतिशत बढ़ा दिया जाये।

पाण्डेय ने कहा कि अब जब शर्त तय करना मुख्यमंत्री के हाथ में ही था तो उनके द्वारा ऐसी शर्त क्यों रखी गई कि भिलाई टाउनशिप कि जनता को बिजली बिल में छूट का लाभ न मिले। उनका यह व्यवहार भिलाई टाउनशिप कि जनता के साथ सौतेला व्यवहार नहीं है तो क्या है?

अब यहा एक प्रश्न और उठता है कि क्या भारत का संविधान का अनुच्छेद 14 इस प्रकार का भेदभाव वाला शर्त लगाने की इजाजत देता है जिसमे दो एक जैसे लोगों के बीच भेदभाव किया जाये। जवाब है नहीं, राज्य के सभी घरेलू विद्युत उपभोक्ता राज्य शासन के लिए एक समान हैं अतः संविधान का अनुच्छेद 14, राज्य शासन को बिजली बिल में छूट देने हेतु भेदभाव किए जाने का अधिकार नहीं देता है।

मुख्यमंत्री द्वारा विधानसभा में दिये गए जवाब में यह नहीं बताया गया कि बिजली बिल में छूट की योजना में लगाई गए शर्त अनुच्छेद 14 का उल्लंघन नहीं है।

पाण्डेय ने कहा कि मुख्यमंत्री के जवाब से यह भी ज्ञात हुआ कि सीएसपीडीसीएल को सिस्टम हैंडओवर किए जाने के लिए बीएसपी प्रबंधन को लगभग 74 करोड़ रुपए एवं सबस्टेशन बनाने के लिए जमीन देना होगा।

यहां यह भी समझ से परे है कि अपने ग्राहक भी दो, अपना बना बनाया डिस्ट्रिब्यूशन सिस्टम भी दो, पैसे भी दो एवं जमीन भी दो। इतने सब कुछ के बाद बिजली का बिल 30 प्रतिशत बढ़वाओ भी । ये भिलाई टाउनशिप की जनता के साथ धोखा है या नहीं ?

आगे यह भी कि भिलाई टाउनशिप के घरेलू उपभोक्ता को बिजली बिल में छूट का लाभ नहीं दिये जाने का कारण कि भिलाई टाउनशिप में 30 प्रतिशत बिजली सस्ती है जैसा कि ध्यानकर्षण के दौरान मुख्यमंत्री जी द्वारा बताया गया है।

यहां यह प्रश्न उठता है कि क्या कैबिनेट द्वारा अनुमोदित नोट में यह बात आई थी कि 30 प्रतिशत बिजली सस्ती होने के कारण भिलाई टाउनशिप के उपभोक्ताओं को बिजली बिल में छूट का लाभ नहीं दिया जा रहा है या फिर ध्यानकर्षण के प्रश्न का जवाब देने हेतु लीपापोती के उद्देश्य बाद में सोचा हुआ जवाब है।

उन्होंने कहा कि दो लाइसेन्सी के घरेलू उपभोक्ताओं के बीच भेदभाव किए जाने के प्रकरण के विश्लेषण हेतु दिल्ली में घरेलू उपभोक्ताओं को दी जा रही 200 यूनिट बिजली के छूट का उदाहरण लिया जा सकता है। दिल्ली में निम्नलिखित चार लाइसेन्सी मुख्य है, जिनमें –

1. Tata Power Delhi Distribution Limited
2.BSES Yamuna Power Limited
3.BSES Rajdhani Power Limited
4. New Delhi Municipal Council

शामिल हैं। दिल्ली सरकार द्वारा बिना किसी भेदभाव के चारों लाइसेन्सी के घरेलू उपभोक्ताओ को 200 यूनिट तक विद्युत फ्री उपलब्ध करवा रही है। फिर छत्तीसगढ़ शासन द्वारा भिलाई टाउनशिप की जनता के साथ भेदभाव क्यों किया जा रहा है।

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