aajkijandhara

Transfer ट्रांसफर के नाम पर महिला कर्मचारी को अपने पास बुलाने का ऑडियो सोशल मिडिया पर वायरल

(Bhilai Breaking) राष्ट्रीय गणतंत्र दिवस समारोह में रिखी की कला दिख रही राजपथ पर

(Bhilai Breaking)

रमेश गुप्ता

(Bhilai Breaking) रिहर्सल का दौर जारी, सराही गई छत्तीसगढ़ी समूह की करमा की प्रस्तुति

(Bhilai Breaking) भिलाई। देश की राजधानी नई दिल्ली में इस वर्ष 26 जनवरी गणतंत्र दिवस समारोह में छत्तीसगढ़ के प्रख्यात लोक वाद्य संग्राहक और लोक कलाकार रिखी क्षत्रिय 9 वीं बार नजर आ रहे हैं। इस साल प्रदर्शित होने वाली झांकी पूर्ण हो चुकी है और अब रिहर्सल का दौर चल रहा है। इस बार रिखी क्षत्रिय देश के तीन प्रमुख आदिवासी राज्यों के कलाकारों का नेतृत्व कर रहे हैं।

(Bhilai Breaking)  केंद्रीय जनजाति कार्य मंत्रालय की ओर से एकलव्य आदर्श आवासीय विद्यालय की झांकी में शामिल छत्तीसगढ़,झारखंड और ओडिशा के कलाकारों के साथ छत्तीसगढ़ के प्रमुख लोक कलाकार व लोकवाद्य संग्राहक रिखी क्षत्रिय को नेतृत्वकर्ता की भूमिका दी गई है।

रिखी क्षत्रिय ने बताया कि 28 जनवरी तक राष्ट्रीय रंगशाला कैंप केंद्रीय विद्यालय 2 के निकट जीपीएस कॉलोनी नई दिल्ली में उनका समूह रुका है। यहां प्रतिदिन सांस्कृतिक प्रस्तुतियां हो रही है। बीती रात यहां छत्तीसगढ़ के उनके समूह की करमा नृत्य की प्रस्तुति हुई, जिसे उपस्थित अतिथियों ने सराहा।

रिखी क्षत्रिय ने बताया कि झांकी का निर्माण हो चुका है औऱ् सुबह सवेरे रिहर्सल भी जारी है। इस झांकी में छत्तीसगढ़ के बिलासपुर से रवि पैकरा एवं भिलाई से गुहाराम सरगुजा की भित्ति चित्र और आदिवासियों की पेंटिंग वॉल की हैं।

(Bhilai Breaking)  इसी तरह छत्तीसगढ़ के कलाकारों में जया, साधना, जागेश्वरी, शशि साहू, प्रियंका व उपासना, झारखंड से प्रिया, किरण भीमेश व अर्जुन, ओडिशा से अंजलि, आस्था व हर्षिता, देहरादून से झांकी में बच्चों को पढ़ाने श्रीमती सुधा शामिल हैं।

उन्होने बताया कि एक ही झांकी में 3 राज्यों की रंग-बिरंगी वेशभूषा से दर्शक एवं अधिकारी प्रभावित हो रहे हैं। उन्होंने बताया कि सुबह 6:00 बजे राजपथ पर रिहर्सल के लिए जा रहे हैं और इतनी ठंड के बावजूद सभी लोग उत्साह के साथ जुटे हैं।

उल्लेखनीय है कि भिलाई स्टील प्लांट से सेवानिवृत्त रिखी क्षत्रिय छत्तीसगढ़ी लोक कला एवं संस्कृति के प्रति बचपन से ही समर्पित रहे हैं। वह विगत चार दशक से छत्तीसगढ़ के अलग-अलग हिस्सों में पहुंच कर दुर्लभ वाद्य यंत्रों का संग्रह कर रहे हैं।

(Bhilai Breaking)  उनके इस संग्रह को विगत दो दशक में देश के सभी राष्ट्रपति-प्रधानमंत्री सहित कई विशिष्ट अतिथि गण देख चुके और सराहना कर चुके हैं। वही रिखी क्षत्रिय ने छत्तीसगढ़ शासन द्वारा भेजी जाने वाली गणतंत्र दिवस की झांकी विगत दो दशक में 8 बार नेतृत्व कर चुके हैं।

इस वर्ष 2023 के गणतंत्र दिवस समारोह में रिखी क्षत्रिय के लिए 9 वां अवसर होगा जब वह राजपथ पर फिर एक बार नजर आएंगे।

Leave a Comment

Your email address will not be published. Required fields are marked *