Baloda Bazar अज्ञात नकाबपोशों ने पत्रकार पर किया हमला थाने में मामला दर्ज
Baloda Bazar बलौदाबाजार ! बलौदाबाजार के इलेक्ट्रॉनिक मीडिया के पत्रकार पर दो अज्ञात नकाबपोशों ने अंधेरे में हमला कर दिया जिससे पत्रकार को काफी अंदरूनी चोटे आई है। मामले को लेकर भाटापारा ग्रामीण थाना मे मामला दर्ज कर लिया गया है और पुलिस अब आरोपियों की तलाश कर रही है !
Baloda Bazar बलौदाबाजार जिले मे अब पत्रकार भी अपने आप को असुरक्षित महसूस कर रहे है और अपराधियों के हौसले दिन प्रतिदिन बढ़ते दिखाई दे रहे है। मामला इस प्रकार है जिला आबकारी विभाग की शह पर जिले के शासकीय शराब दुकानों में लगातार निर्धारित मुल्य से अधिक रेट मे शराब बेचने का बदस्तूर जारी है।
वही जब मदिरा प्रेमी इसका विरोध दर्ज करते हैं तो उनके साथ शराब दुकान मे कार्यरत कर्मचारी द्वारा मारपीट की जाती है। जिसकी शिकायत मुख्यमंत्री, आबकारी मंत्री के साथ ही जिला प्रशासन आबकारी विभाग व पुलिस के पास की गयी पर कार्यवाही शुन्य नजर आती है
पत्रकार पर हुआ हमला
Baloda Bazar जिले में टीवी 27 , की खबर देख रहे संवाददाता ने जब ओव्हर रेट शराब बिक्री पर प्रमुखता से खबर चलाई वही इसकी जानकारी आबकारी आयुक्त को दिया तो बलौदाबाजार के आबकारी अधिकारी तिलमिला गये और पत्रकार को इस तरह की खबर नही लगाने को कहा गया पर पत्रकार को पुनः जानकारी व सबुत मिला तो उसने पुनः खबर लगा दिया !
Baloda Bazar जिससे तिलमिलाए आबकारी उपनिरीक्षक ने उसे भाटापारा ग्रामीण थाना क्षेत्र अंतर्गत ग्राम अर्जुनी के शासकीय शराब दुकान सीसीटीवी फुटेज देखने के बहाने बुलाया जहां से बाहर जाते वक्त आबकारी उपनिरीक्षक ने जाते जाते कहा कि कुछ हो जायेगा तो मत कहना जैसा कि पीड़ित पत्रकार ने एफआईआर मे लिखवाया है वही इस बात को चंद मिनट हुए होंगे !
Baloda Bazar दो अज्ञात नकाबपोशों ने पत्रकार को बेरहमी से लाठी डंडे से हमला कर संघातिक चोट पहुंचाई किसी तरह जान बचा अपने साथियों को बुलाकर कोतवाली थाना पहुँच प्राथमिक सूचना दी जिसके बाद दुसरे दिन भाटापारा ग्रामीण थाना पहुँच एफआईआर दर्ज कराया। एफआईआर मे पत्रकार ने आबकारी उपनिरीक्षक पर संदेह व्यक्त किया है कि उसने ही अज्ञात नकाबपोशों द्वारा उसकी बात नहीं मानने पर हमला करवाया है।
जिस तरह मुख्यमंत्री पत्रकारों की सुरक्षा की बात विधानसभा में किये है वही उनके ही मातहत अधिकारी के द्वारा इस तरह का कृत्य किया जाना कहाँ तक उचित है। देखना अब यह होगा कि मुख्यमंत्री इस बात को किस प्रकार लेते हैं और क्या उचित कार्यवाही करते हैं