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पूर्व एवं वर्तमान सीईओ ने मिलकर किया लगभग दस लाख का फर्जीवाड़ा, आम आदमी पार्टी ने मांगा हिसाब

पूर्व एवं वर्तमान सीईओ ने मिलकर किया लगभग दस लाख का फर्जीवाड़ा, आम आदमी पार्टी ने मांगा हिसाब

एकीकृत आदिवासी विकास परियोजना मद के दुरूपयोग का मामला

संजय सोनी
भानुप्रतापपुर. एकीकृत आदिवासी विकास परियोजना मद से मोबाइल रिपेरिंग प्रशिक्षण एवं मोटरवाईडिंग प्रशिक्षण के नाम से फर्जीवाड़ा किया गया. जनपद पंचायत भानुप्रतापपुर के पूर्व सीईओ बीएल देहारी ने प्रशिक्षण के पूर्व ही 5 लाख 92 हजार एवं वर्तमान सीईओ जी एस धुर्वे ने 3 लाख 95 हजार 800 रूपये का भुगतान करते हुए व्हीटीपी वैभवी सर्विसेज दुर्गूकोंदल को लाभ पहुचाने की बात सामने आ रही है।

आम आदमी पार्टी के द्वारा लगातार धरना प्रदर्शन, व आमरण अनशन के चलते मामला सामने आया है। यदि निष्पक्ष जॉच व दोषियों के खिलाफ कार्यवाही नही किये जाने पर जिला का घेराव की चेतावनी दी है। अब देखने वाली बात यह होगी क्या इन अधिकारियों के खिलाफ एफआरआई की कार्यवाही की जायेगी या फिर मामले को दबाते हुए उन्हे बचाने का प्रयास किया जाएगा.

विदित हो कि आदिवासियों के उत्थान के लिए एकीकृत आदिवासी विकास परियोजना को प्रारंभ किया गया है। ताकि समय समय पर विभिन्न रोजगारमुखी प्रशिक्षण व अन्य योजना के तहत लाभ पहुचाते हुए उन्हे आर्थिक स्थिति से सबल बनाया जा सके। देखा जाये तो प्रारंभ से लेकर अब तक इस मद से करोड़ों की राशियों का आबंटन किया जा चुका है लेकिन आदिवासियों की स्थिति आज भी दयनीय बनी हुई है। आम आदमी पार्टी के द्वारा आरटीआई के तहत वर्ष 2013 से 19 तक हुये कार्यो से संबंधित जानकारी मांगी गई थी। काफी जददोजहद के बाद जानकारी मिली जिनमें फर्जीवाडा का खुलासा हुआ।

मामले कीं निष्पक्ष जॉच व कार्यवाही को लेकर आप पार्टी के द्वारा धरना प्रदर्शन के बाद प्रशासनिक स्तर पर जॉच प्रारंभ किया गया। जॉच टीम में तहसीलदार एवं सीएमओ नगर पंचायत भानुप्रतापपुर के द्वारा 5 बिन्दुओं पर जॉच प्रतिवेदन एसडीएम भानुप्रतापपुर को सौपा है। रमल कोर्राम ने बताया कि 30 अगस्त तक जॉच पूर्ण कर कार्यवाही किये जाने का आश्वशन दिया गया था।

कार्यवाही के लिए अनुविभागीय अधिकारी राजस्व भानुप्रतापपुर के द्वारा पत्र क्रमांक 1015/अविअ/शिकायत शाखा/ री-3 / 2019/ भानुप्रतापपपुर दिनांक 6,9,2019 के माध्यम से कलेक्टर आदिवासी शाखा जिला कांकेर को अपना जॉच प्रतिवेदन सौपने की बात कही। जिन बिन्दुओं मे जॉच प्रतिवेदन प्रस्तुत किया गया है, उनमे 1 प्रशासकीय स्वीकृति- परीयोजना प्रशासक एकीकृत आदिवासी विकास परियोजना भानुप्रतापपुर के द्वारा आदेश क्रमांक /56/परिशा/ससाअ/2017 भानुप्रतापपुर दिनांक 1,6,2017 के कडिका क्रमांक 8 व 9 मे विशेष केन्द्रीय सहायता पूंजी मद अंतर्गत क्रमशःक- मोटर बाईडिंग प्रशिक्षण हेतु 3 लाख 10 हजार प्रति हितग्राही 32 हजार 936 रूपये एवं ख- मोबाईल रिर्पेंरिग प्रशिक्षण हेतु 3 लाख 10 हजार प्रति हितग्राही 33 हजार 600 की दर से कुल 6 लाख 20 रूपये स्वीकृत हुई थी।

इसी प्रकार परियोजना प्रशासक एकीकृत आदिवासी विकास /भानुप्रतापपुर के द्वारा आदेश क्रमांक 92/ दिनांक 3,6,,17  के द्वारा राजस्व मद अंतर्गत क्रमश: मोटरबाईडिंग प्रशिक्षण हेतु 1 लाख 83 हजार 900, ख मोबाईल प्रशिक्षण हेतु 1 लाख 83 हजार 9 सौ कुल  3 लाख 67 हजार 800 रूपये आबंटित किया गया. व्ही टी पी वैभवी सर्विसेसज दुगूकोंदल को दिनांक 18,9,2017 मोटरवाईडिंग एवं मोबाइल रिंपेर्रिंग प्रशिक्षण हेतु कार्यादेश प्रदान किया गया। कार्यादेश पूर्व इकरारनामा नही किया गया। मोटर वाईिंडग प्रशिक्षण मे हितग्राही परदेशी राम पिता कुवरसिंह, अजय पिता मगन सिंह,प्रकाश पिता हीरालाल एवं सुजित कुमार पिता धनसूराम कभी प्रशिक्षण ही प्राप्त नही किया है। मोबाइल रिंपेरिंग प्रशिक्षण मे जितेन्द्र पिता तुलाराम, अनिल कुमार पिता बुधराम, एवं धनश्याम पिता रामसिंह प्रशिक्षण के दौरान कभी भी उपस्थिति नही रहा है। लेकिन इनके नाम से उपस्थिति बताते हुए समस्त राशि आहरण किया जाना पाया गया।

प्रशिक्षण प्रारंभ किया गया लेकिन तत्कालीन सीईओ भानुप्रतापपुर ने माबाईल रिर्पेरिंग प्रशिक्षण के लिए 2 लाख 96 हजार, एवं मोटरवाईडिंग के लिए 2 लाख 96 हजार राशि का भुगतान किया गया। वही वर्तमान सीईओ ने प्रशिक्षण समाप्ति के पूर्व ही दिनांक 6,2,2018 को मोबाईल के लिए 1 लाख 97 हजार 900 एवं मोटर बाईडिंग 1 लाख 97 हजार 900 की राशि का भुगतान किया गया। जबकि व्हीटीपी फर्म के कथनानुसार वर्ष 2019 मे पूर्ण किया जाना बताया जा रहा है। प्रशिक्षण के दौरान हितग्राहियों को चाय नाश्ता आदि कराये जाना था लेकिन नही किया गया। लेकिन खर्च भाउचर पेश कर राशि आहरण की गई। वही सीईओं का दायित्व होता है कि संबंधित अधिकारी कर्मचारियों के द्वारा कार्य का सतत निरीक्षण किया जाना आवश्यक है पर नही किया गया।

व्हीटीपी के कथनानुसार परीक्षा के बाद ही हितग्राहियों को कीट दिया जाना था लेकिन परीक्षा पूर्व ही कीट व समस्त राशि आंबंटित किया गया जो पद का दुरूपयोग के साथ ही कार्य घोर लापरवाही व अनियमितता को दर्शाती है। इस संबंध मेे सुश्री प्रेमलता मंडावी एसडीएम भानुप्रतापपुर ने कहा कि तहसीलदार एवं सीएमओ भानुप्रतापपुर की टीम बनाकर जॉच कार्यवाही पूर्ण की जा चुकी है। जॉच रिपोर्ट जिला कार्यालय भेजा गया है।