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अब सारी दुनिया को सिंगल यूज प्लास्टिक को अलविदा कह देना चाहिए : नरेंद्र मोदी

अब सारी दुनिया को सिंगल यूज प्लास्टिक को अलविदा कह देना चाहिए : नरेंद्र मोदी

नई दिल्ली, 9 सितंबर। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने जलवायु और पर्यावरण में आ रहे बदलावों के खिलाफ दुनिया के एक होने की जरूरत पर जोर दिया है. मरुस्थलीकरण पर दुनिया के 190 देशों की बैठक में उन्होंने कहा, ‘जलवायु और पर्यावरण का असर बायोडाइवर्सिटी और भूमि, दोनों पर पड़ता है. सर्वमान्य तथ्य है कि दुनिया जलवायु परिवर्तन के नकारात्मक प्रभावों का सामना कर रही है.’

प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी का आगे कहना था, ‘हम कितने भी फ्रेमवर्क लागू कर लें, लेकिन असली बदलाव हमेशा टीमवर्क से ही आता है. भारत ने ऐसा ही देखा था स्वच्छ भारत मिशन के दौरान. सभी वर्गों के लोगों ने इसमें भाग लिया और सुनिश्चित किया कि वर्ष 2014 में जो सैनिटेशन कवरेज 38 फीसदी थी, वह आज 99 फीसदी है.’ प्रधानमंत्री ने इसमें यह भी जोड़ा, ‘मेरी सरकार ने घोषणा की कि भारत आने वाले सालों में सिंगल यूज़ प्लास्टिक का खात्मा कर देगा. मेरे विचार में समय आ चुका है, जब सारी दुनिया को सिंगल यूज़ प्लास्टिक को बाय बाय कह देना चाहिए.’ भारत ने दो अक्टूबर से सिंगल यूज प्लास्टिक पर रोक लगाने का ऐलान किया है.

इसी सम्मेलन में प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने ऐलान किया कि भारत 2030 तक 2.1 करोड़ हेक्टेयर बंजर जमीन को उपजाऊ बनाने के अपने लक्ष्य को बढ़ाकर 2.6 करोड़ हेक्टेयर करेगा. उन्होंने कहा, ‘जब हम बंजर भूमि को ठीक करते हैं, तो हम पानी की कमी को भी ठीक करते हैं. जल आपूर्ति में वृद्धि, जल पुनर्भरण को बढ़ाना, जल प्रवाह को धीमा करना और मिट्टी में नमी बनाए रखना, सभी एक समग्र भूमि और जल रणनीति के हिस्से हैं.’ प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी का यह भी कहना था कि 2015 और 2017 के बीच भारत में पेड़ और जंगल के दायरे में आठ लाख हेक्टेयर की बढ़ोतरी हुई है.’ उन्होंने यह भी कहा कि भारत भूमि को उपजाऊ बनाने के लिए रिमोट सेंसिंग और अंतरिक्ष प्रौद्योगिकी का इस्तेमाल कर रहा है और उसे इस दिशा में अन्य मित्र देशों की मदद करने में खुशी होगी.