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महिला आयोग के सचिव पर महिला सदस्य ने लगाया मनमर्जी, अपमानित करने का आरोप, कहा : वे ही सरकार हैं

महिला आयोग के सचिव पर महिला सदस्य ने लगाया मनमर्जी, अपमानित करने का आरोप, कहा : वे ही सरकार हैं


रायपुर. क्या आपने कभी किसी महिला आयोग में आयोग के सदस्यों के ऊपर वहाँ के प्रुरुष अधिकारी के द्वारा अन्याय करते हुए सुना है। नहीं न ,लेकिन यह सच है ये बात सुनकर आपको हैरानी हुयी होगी, लेकिन यह सच है जी हाँ, इन दिनों छत्तीसगढ़ राज्य महिला आयोग जो प्रदेश के पीड़ित महिलाओ को न्याय दिलाने का काम करती है, वहीं सुनवाई करने वाली आयोग के सदस्यों के ऊपर अन्याय किया जा रहा है।

अन्याय करने वाले कोई सदस्य नहीं है बल्कि वहाँ पर पदस्थ एक पुरुष अधिकारी अभय देवांगन जो आयोग में सचिव है के द्वारा किया जा रहा है। छत्तीसगढ़ राज्य महिला आयोग की सदस्य पदमा चन्द्राकर ने आयोग के सचिव अभय देवांगन को लेकर बड़ा खुलासा किया है। सदस्य पदमा चन्द्राकर का आरोप है कि सचिव अभय देवांगन ने अपने पद का पावर दिखाकर पहले आयोग के महिला सदस्यों को बहार निकलने का भरसक प्रयास किया। उन्हें निकालने के लिए इतना प्रताड़ित किये कि जब कोई पीड़ित महिला बड़े ही आस के साथ राज्य महिला आयोग के पास आती तो हमेशा निराशा हाथ लगी और उन्हें उल्टे पांव वापस लौटना पड़ता था। आयोग के सदस्य जब किसी केस की सुनवाई के लिए जाते तो उनकी सुनवाई करने वाली कमरे में सामान रखवा देते और सदस्यों के नेमप्लेट को भी उखड़वा दिए थे।


मालूम होवे कि राज्य के मुख्यमंत्री भूपेश बघेल की सरकार ने राज्य महिला आयोग, बाल  संरक्षण आयोगऔर बाल आयोग को छोड़ बाकि  प्रदेश के विभिन्न आयोग को भंग करने का आदेश राज्य सरकार ने निकला तो सचिव अभय देवांगन ने न सिर्फ इन आदेशों की धज्जियां उड़ाई बल्कि आयोग के महिला सदस्यों को अपमानित भी किया। हद तो तब हो गयी जब राज्य महिला आयोग के सदस्यों को बाहर का रास्ता दिखा दिए थे और सदस्यों को आयोग आने के लिए भी मनाकर नोटिस भी दे दिए थे.

आयोग के महिला सदस्यों ने सचिव अभय देवांगन  की नोटिस को  लिए हाईकोर्ट में चुनौती दी ,और उन्हें कोर्ट  से स्टे मिला गया। आयोग के सदस्य पद्मा चंद्राकर  का सचिव् अभय देवांगन पर यह भी आरोप लगाया की है  एक अभय देवांगन आफिस सिर्फ आधे घंटे के लिए आते है और लंच करके चले जाते है । और कहते है की एक दिन में  सिर्फ 5 फाइल ही देखूंगा।

आयोग के सदस्य पद्मा चंद्राकर ने कहा कि जब महिला मंत्री अनिल भेड़िया जो पदेन  राज्य महिला आयोग के  अध्यक्ष  उनको इस बारे में फोन पर जानकारी दी गयी।  और केश की सुनवाई मामले में अनुमोदन लेने के बाद  इस बारे में मंत्री के निजी सचिव गर्ग ने महिला आयोग के सचिव अभय देवांगन को बताया की मंत्री से महोदया की बात हो गई है सुनवाई की तारीख तय कर दीजिए। कहने के बाद पद्मा चंद्राकर ने कहा की , लिखित में लेटर फिर भी सचिव अभय देवांगन ने मंत्री के आदेश को नहीं माना। पदमा चन्द्राकर ने सरकार व शासन से कड़ी कार्यवाही की मांग की है. जिससे महिला आयोग में पड़े महिलाओं के आवेदन पर त्वरित कार्यवाही व सुनवाई हो सके ।