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गांधी और आधुनिक भारत राष्ट्रीय सेमिनार में पहुंचे मुख्यमंत्री, अपूर्वानंद ने कहा- यहां के नौजवानों में जनतंत्र जिंदा है

गांधी और आधुनिक भारत राष्ट्रीय सेमिनार में पहुंचे मुख्यमंत्री, अपूर्वानंद ने कहा- यहां के नौजवानों में जनतंत्र जिंदा है

रायपुर, 11 सितंबर। पं. रविशंकर शुक्ल विश्वविद्यालय  एवं अजीम प्रेमजी फाउण्डेशन के संयुक्त तत्वाधान में महात्मा गांधी और कस्तूरबा गांधी के 150 वीं जयंती के अवसर पर गांधी और आधुनिक भारत विषय पर तीन दिवसीय राष्ट्रीय सेमिनार का आयोजन पं. रविशंकर शुक्ल विश्वविद्यालय आॅडिटोरियम रायपुर में किया जा रहा है। 

सेमिनार में मुख्यमंत्री भूपेश बघेल पहुंचे। मुख्यमंत्री ने दीप प्रज्वलित कर किया सेमिनार का शुभारंभ। प्रदेश के विभिन्न हिस्सों से सेमिनार में शामिल होने पहुंचे गांधीवादी विचारक। 

दिल्ली विश्वविद्यालय के प्रोफेसर अपूर्वानंद बतौर मुख्य वक्ता शामिल हैं। स्वतंत्रता संग्राम सेनानी लीलाताई चितले और सर्वोदयी नेता अमरनाथ भाई बतौर विशिष्ट अतिथि शामिल हैं। लोकतंत्र में लोक और राज्य का संबंध विषय पर मुख्य वक्ता प्रो. अपूर्वानंद का संबोधन हो रहा है। सेमिनार में गांधीजी की आवाज को सुनाने के लिए उनके ऐतिहासिक आॅडियो और विडियो को भी सुनाया जाएगा। 

रविवि के कुलपति डॉ. केशरीलाल वर्मा और अजीम प्रेमजी फाउंडेशन के राज्य प्रमुख सुनील कुमार साह समेत बड़ी संख्या में अतिथि मौजूद है। 

दिल्ली विश्वविद्यालय के प्रोफेसर अपूर्वानंद ने सभा को संबोधित करते हुए  कहा- यहां के नौजवानों में जनतंत्र जिंदा है. जिस तरह से गांधी जी को विरोधियों के बीच में थी, शायद ही किसी और व्यक्ति की छवि ऐसी रही है. वीर वह  नहीं है जो खून बहाता है, वीर वह होता है जो सदैव अपना खून बहाने के लिए तत्पर रहता है। देश में बहुत सारे पुरुष ऐसे हैं जो महात्मा गांधी से नफरत करते हैं क्योंकि वे औरतों का काम करते थे। लेकिन इस बात को भूल जाते हैं कि यह वही व्यक्ति है जिसने अपने सीने में तीन गोलियां खाई। जब महाराष्ट्र से पूरा दल गांधी की हत्या करने के लिए आया था और उनकी सभा में बम फेंका गया था तभी उन्होंने अपनी सुरक्षा नहीं बढ़ाई थी। देवघर में जब उनपर हमला हुआ था यह लोग मेरे अपने समुदाय के लोग है। 30 जनवरी से पहले भी उन पर कई हमले हुए थे, जानते हुए कि उनकी जान को खतरा है उन्होंने कहा चिंता नहीं की थी।  आज भारत सरकार के विज्ञापन गांधीजी देखने को मिलते हैं। तस्वीर नहीं बल्कि उनका चश्मा देखने को मिला। यह वही चश्मा है जो गोली लगते वक्त जमीन पर गिर गया था जिसे उठाकर विज्ञापनों की होल्डिंग में लगा दिया गया। गांधी जी को स्वच्छ भारत अभियान का ब्रांड एंबेसडर बनाया गया है।  आज लोगों ने उनकी सीख को भुला दिया हैं। गांधी जी ने सदैव दीन दुखियों और आदिवासियों के हित में कार्य किया लेकिन आज उनकी शिक्षा को दरकिनार करते हैं।

मालूम हो कि तीन दिवसीय राष्ट्रीय सेमिनार का आयोजन 11 से 13 सितंबर को पांच सत्र में किया जाएगा। उद्घाटन के पश्चात दूसरा सत्र 11 सितंबर दोपहर 2 बजे से शाम 6 बजे तक चलेगा। इसकी अध्यक्षता देशबंधु के प्रधान संपादक ललित सुरजन करेंगे। तीसरा सत्र 12 सितंबर सुबह 10 बजे से दोपहर 1 बजे तक चलेगा, जिसकी अध्यक्षता मध्यप्रदेश के पूर्व मुख्य सचिव शरत चंद्र बेहार करेंगे। इसी दिन चौथा सत्र दोपहर 2 बजे से शाम 6 बजे तक चलेगा। इसकी अध्यक्षता लेखक और पूर्व रेलवे अधिकारी महेन्द्र मिश्र करेंगे। 

13 सिंतबर को सुबह 10 बजे से दोपहर 1 बजे तक पांचवां सत्र चलेगा जिसकी अध्यक्षता प्रो. हनुमंत यादव करेंगे। इसी दिन समापन सत्र दोपहर 2 बजे से शाम 5 बजे तक चलेगा। इसकी अध्यक्षता डॉ. विक्रम सिंघल करेंगे।