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फ्रांस में बांग पर मची लड़ाई मुर्गे के हक में गई

फ्रांस में बांग पर मची लड़ाई मुर्गे के हक में गई


फ्रांस में एक मुर्गे के बांग देने को लेकर हुए एक बहुचर्चित मुकदमे में फैसला हो गया है. पश्चिमी फ्रांस की एक अदालत ने कहा कि मॉरिस नाम के इस मुर्गे को बांग देने से नहीं रोका जा सकता. जज ने कहा कि मुर्गा तो आखिर मुर्गा है और उसे बांग देने का अधिकार है.

मॉरिस की मालकिन कोरिन फेसिउ के पड़ोसी उसकी बांग से खफा थे. उनका तर्क था कि इससे शोर होता है और उनकी नींद में खलल पड़ता है. कोरिन ने मुर्गे के दड़बे को शीट से ढककर मामला काबू करने की कोशिश की. लेकिन बात नहीं बनी. इसके बाद मसला अदालत में गया. इस दिलचस्प मुकदमे ने फ्रांस के शहरी और ग्रामीण समुदाय को भी बांट दिया था. पहला मॉरिस की बांग के खिलाफ था तो दूसरा इसके समर्थन में.

फ्रांस में मुर्गा राष्ट्रीय प्रतीक है. मॉरिस के समर्थन में एक ऑनलाइन अभियान भी चला जिसके समर्थन में करीब डेढ़ लाख लोग आए. अमेरिका तक से मॉरिस के समर्थन में पत्र आए. इस सब ने चार साल के इस मुर्गे को सेलिब्रिटी बना दिया. आखिरकार मामला उसके हक में गया. अदालती फैसले के बाद इस पर खुशी जताते हुए कोरिन का कहना था, ‘मुझे उम्मीद है इससे एक परंपरा स्थापित होगी.’ अदालत ने मुर्गे की मालकिन को एक हजार यूरो का हर्जाना देने का भी आदेश दिया है.