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बलदेव एलायस कंपनी विवाद : 10 करोड़ की धोखाधड़ी 15 करोड़ तक पहुंची, पुलिस करेगी डायरेक्टर्स से पूछताछ

बलदेव एलायस कंपनी विवाद : 10 करोड़ की धोखाधड़ी 15 करोड़ तक पहुंची, पुलिस करेगी डायरेक्टर्स से पूछताछ


रायपुर. राजधानी के सिलतरा में संचालित स्पंज आयरन प्लांट बलदेव एलायस कंपनी के मालिकों के बीच 10 करोड़ के विवाद ने तेजी पकड़ ली है. दोनों पक्षों ने राजनीतिक शरण ले ली है और अब पुलिस पर कांग्रेस और भाजपा नेताओं का दबाव है कि वह आरोपियों के खिलाफ कार्रवाई करे. राजधानी पुलिस पहली पूछताछ राजीव कपूर से करेगी और उसके बाद बारी—बारी से बाकी डायरेक्टर्स से भी पूछताछ होगी.

एक पुलिस अधिकारी ने बताया कि दोनों पक्षों को जांच के दायरे में लेंगे. जो भी पहली नजर में गलत पाया जायेगा, उसके खिलाफ कार्यवाही की जाएगी. हालांकि जांच प्रक्रिया पूरी करने के लिए अभी उनके पास पर्याप्त समय है, उसके बाद मामला न्यायालय में भेजा जायेगा. जानते चलें कि बलदेव एलायस कंपनी के एक डायरेक्टर श्याम सोमानी ने धरसींवा थाना क्षेत्र में लिखित शिकायत दर्ज कराते हुए राजधानी के उद्योगपति राजीव कपूर और उनकी पत्नी शिल्पा के खिलाफ धोखाधड़ी का जुर्म दर्ज कराया है.कारोबारी पर 15 करोड़ की संपत्ति अपने नाम करने का आरोप लगाया है. प्रकरण धरसींवा थाना क्षेत्र के सिलतरा में संचालित स्पंज आयरन प्लांट से जुड़ा है। पूरा मामला आपसी रिश्तेदारी से जुड़ा लगता है और सभी डायरेक्टर जगदलपुर निवासी हैं. इनमें से एक राजीव कपूर अपनी पत्नी के साथ रायपुर के समता कालोनी में रहते हैं.

पुलिस को मिली शिकायत के अनुसार बलदेव एलायस कंपनी के नाम पर दो जमीनें नागपुर और महाराष्ट्र में थी। आरोपी राजीव कपूर उसकी पत्नी शिल्पा कपूर और नौकर कृष्णा स्वामी ने 2014 में विदर्भ इंफ्रा रियलिटी और शिल्पा एनर्जी नाम की दो कंपनियां बनाई। गलत तरीके से एचडीएफसी बैंक में खाता भी खुलवाया गया। बलदेव एलायज का एक ऐसा बैंक अकाउंट था जो आरोपी राजीव ही संभालता था। इसी खाते में विदर्भ एवं शिल्पा एनर्जी के 1 करोड़ 15 लाख और 30 लाख के चेक जमा कराकर गबन कर लिया गया।

इस संबंध में आरोपी राजीव कपूर से सम्पर्क करने का प्रयास किया गया परंतु उनका मोबाइल बंद होने से बात ना हो सकी.

10 नहीं 15 करोड़ की धोखाधड़ी है : मनीष सोमानी

बलदेव एलायस कंपनी से जुड़े एक डायरेक्टर मनीष सोमानी ने इस संवाददाता से चर्चा करते हुए कहा कि पूरा मामला 15 करोड़ का है. इनमें हमारे द्वारा किया गया इनवेस्टमेंट, बैंक का लोन, बंधक प्रापर्टी, बाजार का शेष इत्यादि शामिल है. राजीव कपूर को चाहिए कि वह आधा—आधा नुकसान वहन करें और मामला खत्म करें. मनीष ने बताया कि हमने राजीव पर भरोसा किया जिसकी कीमत चुकानी पड़ रही है. 2011—12 से ही विवाद चल रहा है. बाजार की मंदी के कारण कंपनी घाटे में चली गई और फिर बंद हो गई. हमारे बीच समझौते की कई कोशिशें हुईं. राजीव ने एक सेटलमेंट डीड भी तैयार की पर फिर वे इससे मुकर गए.