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सीआरपीएफ के जवानों ने रातोंरात की गर्भवती की मदद, नक्सली खतरे के बावजूद एंबुलेंस में डाल ले गए अस्पताल

सीआरपीएफ के जवानों ने रातोंरात की गर्भवती की मदद, नक्सली खतरे के बावजूद एंबुलेंस में डाल ले गए अस्पताल


दंतेवाड़ा. यहां के सीआरपीएफ कैम्प के जवानों ने कल रात को आपातकालीन स्थितियों में एक गर्भवती महिला की मदद करके मानवता का परिचय दिया है.

प्राप्त जानकारी के अनुसार नक्सल प्रभावित क्षेत्र आलमपल्ली थाना जगरगुंडा के पटेल पारा निवासी आयतू की गर्भवती पत्नी को अचानक दर्द उठा. रात होने के कारण कोई पब्लिक वाहन उपलब्ध नही था अत: तीन—चार ग्रामीणों ने उसे जैसे—तैसे कोण्डासावली कैंप तक पहुंचाया. ऐनवक्त डॉक्टर उपलब्ध ना होने के कारण मरीज की स्थिति अत्यंत खराब होते जा रही थी.

वस्तुस्थिति को देखते हुए सीआरपीएफ कैंप के कमांडर अमृत सिंह, सहायक कमांडर ने अपने बटालियन मुख्यालय में सूचना कर तथा नक्सलियों के संभावित खतरों के बावजूद सीआरपीएफ कैंप की एंबुलेंस में गर्भवती महिला को दंतेवाड़ा मुख्यालय जिला हॉस्पिटल में भर्ती कराया. सूचना पाते ही बटालियन मुख्यालय में पहले से ही उपस्थित थी. द्वितीय कमान अधिकारी संजय कुमार ने बटालियन से फर्मसिस्ट पहले से ही बुलाकर जिला हॉस्पिटल में रखा था जिससे गर्भवती महिला का तुरंत उपचार हो सका और कुशलतापूर्वक डिलीवरी की गई.

इस मदद के लिए गांव वालों ने सीआरपीएफ कैंप के जवानों व अधिकारियों का हाथ जोड़कर धन्यवाद दिया. सीआरपीएफ कैंप के जवानों और अधिकारियों ने गांव वालों को हरसंभव मदद करने का आश्वासन दिया. एक अधिकारी ने बताया कि हम जिस रास्ते से होकर आए, वहां रात को कभी नही आते या फिर आगे आगे एम्बुशवाली गाड़ी चलती है परंतु इस मामले में हमने जान को ख्तरे में डालकर भी गर्भवती की मदद की.